Chandan Roy: हौंसलो की उड़ान हमेशा दमदार होती है

BY TANU TIWARI

“अपने हौसलों के बल पर हम
अपनी प्रतिभा दिखा देंगे
भले कोई मंच ना दे हमको
हम मंच अपना बना लेंगे
जो कहते खुद को सितारा है
जगमगा कर उनके सामने ही
चमक कर देंगे उनकी फीकी
और सूरज खुदको बना लेंगे”

उपरोक्त पंक्तियां किसी शायर ने सही ही लिखी हैं यह पंक्तियां किसी छोटे कस्बे के कामयाब सितारों के जीवन को बखूबी बयां करती हैं। टेक्नोलॉजी के बढ़ने से आजकल लोगों के मनोरंजन के साधन भी बढ़ गए हैं। इन्हीं साधनों में से आजकल एक लोकप्रिय साधन है वेब सीरीज। आजकल लोग वेब सीरीज को बहुत पसंद कर रहे हैं। इन वेब सीरीज द्वारा ना केवल लोगों का मनोरंजन होता है अपितु नए नए कलाकारों को भी एक बढ़िया प्लेटफार्म मिलता है जिसमें वह अपनी प्रतिभा को श्रोताओं के सामने रखते हैं।

अमेजॉन प्राइम वीडियो पर 3 अप्रैल को रिलीज हुई द वायरल फीवर की नई वेब सीरीज ‘पंचायत’ ने भी इन दिनों दर्शकों के दिलों को छू लिया है। इस वेब सीरीज की सिनेमा प्रेमियों द्वारा खूब प्रशंसा की जा रही है दीपक कुमार मिश्रा द्वारा डायरेक्टर की गई 8 दिनों की इस वेब सीरीज में जितेंद्र कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों ने मुख्य किरदार निभाया है। जितेंद्र कुमार के सहायक एक्टर चंदन रॉय की जमकर तारीफ की जा रही है। चंदन बिहार के वैशाली जिले के महनार गांव के है। उन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी से अपने राज्य एवं जिले का नाम रोशन किया है। उनकी अदाकारी के द्वारा उन्हें एक्टिंग में लंबी रेस का घोड़ा माना जा रहा है। चंदन के पिताजी बिहार पुलिस में कांस्टेबल हैं। उनके घर में फिल्मी बैकग्राउंड से कोई भी नहीं है लेकिन चंदन को बचपन से ही फिल्मों मैं बहुत दिलचस्पी रही है। बचपन में जब उनके दोस्त क्रिकेट खेलने जाते थे तो वे फिल्में देखा करते थे । जब चंदन के दोस्त अपने घरों में सौरव गांगुली एवं सचिन तेंदुलकर की तस्वीरें अपने घरों में लगाते थे तो चंदन अपने पसंदीदा रेक्टर्स गोविंदा एवं मिथुन चक्रवर्ती की तस्वीरों से अपने घर की दीवारों को सजाते थे।

उन्हें शुरू से ही सिनेमा देखने का बहुत शौक था। चंदन रॉय ने बचपन में ही एक्टर बनने की ठान ली थी।पहले चंदन के गांव में जब बिजली नहीं होती थी तो वह अपने दोस्तों के साथ चंदा इकट्ठा करके शहर से बैटरी लाते थे और फिल्में देखा करते थे |

दूरदर्शन पर शुक्रवार शनिवार और रविवार को आने वाली फिल्मों का उन्हें बेसब्री से इंतजार रहता था।चंदन ने बचपन में सिनेमा देखने के लिए कई बार घरवालों से मार भी खाई है। एक बार वह रात 8:00 से 11:00 बजे का शो अपने दोस्तों के साथ देखने चले गए। उस समय सिनेमाघर में यह दिल आशिकाना फिल्म लगी हुई थी। उस समय अखबारों में बच्चों के अपहरण की बहुत सी खबरें आती थी। चंदन रॉय बिना बताए फिल्म देखने चले गए थे। इसी कारण चंदन के घर वाले बहुत परेशान हो गए और घर आने पर उनकी काफी पिटाई भी हुई।

रेडियो ने भी चंदन के ऊपर बहुत प्रभाव डाला। विविध भारती पर बड़े-बड़े कलाकारों का साक्षात्कार सुनते थे एवं उनकी सफलता की कहानियां सुनते थे। चंदन ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने जिंदगी के दो मकसद रखें जिसमें पहला एक्टिंग का था और दूसरा पत्रकारिता का क्योंकि उन्हें इस बात का डर था कि यदि उन्हें एक्टिंग में कोई मौका ना मिले तो वह आगे क्या करेंगे। इसलिए उन्होंने पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन किया। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली से रेडियो और टेलीविजन में डिप्लोमा हासिल किया। इसके पश्चात उन्होंने ढाई साल दैनिक जागरण में नौकरी की और पैसे जोड़े ताकि वे मुंबई जाकर अपना खर्च चला सके। मुंबई में वे हर जगह ऑडिशन देने पहुंच जाते थे। इस प्रकार उन्होंने कई छोटे-मोटे किरदार निभाकर कैमरा का ग्रामर समझा। वहां उनकी मुलाकात रघुवीर जी से हुई जिन्हें चंदन ने अपना गुरु बनाया रघुवीर जी ने इनकी एक्टिंग को और निखारा। 1 दिन को खबर हुई कि पंचायत नाम की वेब सीरीज की ऑडिशन चल रही है तो यह भी वहां ऑडिशन देने पहुंच गए । वहां इन्होंने इलेक्ट्रीशियन के छोटे से किरदार का ऑडिशन दिया। डायरेक्टर दीपक कुमार मिश्रा ने इन्हें मुख्य किरदार के सहयोगी का ऑडिशन देने को कहा| जब इन्होंने ऑडिशन दिया तो
डायरेक्टर साहब इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कहा ,”तुम अब तक कहां थे, हमें तुम्हारी ही तो तलाश थी”

इस प्रकार चंदन को पंचायत वेब सीरीज में इतने बड़े किरदार को निभाने का मौका मिला।

पंचायत वेब सीरीज में चंदन ने कभी गुदगुदाया तो कभी संजीदा अभिनय करके दर्शकों का दिल जीत लिया है।

इस वेब सीरीज के बाद चंदन को और भी कई नए रोल ऑफर हो रहे हैं और उनके फैन उनके आने वाले कार्यों को देखने के लिए उत्सुक भी हैं| कई बार छोटे शहरों से आने वाले बेहतरीन कलाकार सदा सदा के लिए अपनी आप लोगों के दिलों पर छोड़ जाते हैं|