कोरोना की बीमारी पर फेविपिराविर पढ़ेगी भारी

BY PRAKHAR SRIVASTVA

source wikipedia
source glenmark

कोरोना जितनी तेजी से भारत समेत पूरे विश्व में अपने पैर पसार रहा है, मानो वह मानव जीवन के अंत का संकेत दे रहा हो। मगर शुक्रवार को मुंबई की कंपनी ने कोविड-19 से मामूली रूप से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिराविर को फैबिफ्लू ब्रांड नाम से पेश किया है। भारत को एक बार फिर विश्व में गौरवशाली बना दिया। इस वैक्सीन से पहले भी कई देशों ने वैक्सीन बनाने का दावा किया था। बृहत उत्पादन की मंजूरी किसी भी कंपनी को नहीं मिली थी, मगर भारत में इससे लॉन्च करने को हरी झंडी मिल गई है। इस विपदा के समय में जब केस चार लाख के पार जा चुके है और अस्पतालों में बेड संख्या में अत्यंत कमी दिखाई दे रही है। उस समय यह दावा रिकवरी रेट, जो पहले ही पचास फीसदी से अधिक था, उसमें और सुधार लाएगा। कंपनी ने कहा कि उसकी आंतरिक शोध एवं विकास टीम ने सफलतापूर्वक इसका ‘एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रिडिएंट’ (एपीआई) और फार्मूलेशन विकसित किया है।

– कितने रुपए जेब से देने होगे ?

यह दवा डॉक्टर की सलाह पर 103 रुपये प्रति टैबलेट के दाम पर मिलेगी। पहले दिन इसकी 1800 एम.जी. की दो खुराक लेनी होगी। उसके बाद 14 दिन तक 800 एम.जी. की दो खुराक़ लेनी होगी। इसके 34 टैबलेट के पत्ते की कीमत 3,500 रुपये होगी।

– दवा के खरीदने के लिए क्या करना होगा?

कंपनी, सरकार और चिकित्सा समुदाय के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देशभर में मरीजों को यह दवा आसानी से उपलब्ध हो सके। इस दवा की मंजूरी के साथ एक शर्त यह भी है कि इलाज से पहले मरीज को अपनी तरफ से सहमति हस्ताक्षर करना होगा।

– क्या हालत सुधरेंगे इस दवा से?

कंपनी ने उम्मीद जताई कि इस दवा से कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज को लेकर मौजूदा दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। कंपनी का कहना है कि कोरोना वायरस के हल्के संक्रमण से पीड़ित मरीजों पर इस दवा ने अच्छे नतीजे दिए हैं।

– सभी लोग इस दवा का लाभ नहीं उठा पाएंगे।

ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ग्लेन सल्दान्हा ने कहा – “गंभीर किडनी या लीवर की बीमारियों से ग्रसित लोगों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को यह दवा बिल्कुल भी नहीं लेनी है।”

– दुश्मन ने हाथ फैलाया

कोरोना वायरस महामारी से तबाह पाकिस्तान ने इसकी वैक्सीन के लिए दुनिया के सामने अभी से गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि कोरोना वायरस की वैक्सीन को वैश्विक सार्वजनिक उत्पाद घोषित कर देना चाहिए।
यह भारत के लिए बहुत बढ़ी कामयाबी है। यह भी सूत्र बता रहे कि भारत विदेश में भी इस दवाई को वितरित करेगा। और भारत के साथ-साथ विदेश को भी कोविड-19 से मुक्त कराएगा। क्योंकि, शास्त्रों में भी लिखा हुआ है-
“सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे भवन्तु निरामया”