मथुरा की गोद से मुंबई की लहरों तक बृजेंद्र जी का ऐसा था सफर!

BY SHIPRA RANA

मथुरा से मुंबई तक का फासला तय करने वाले कलाकार बृजेंद्र काला की कहानी काफी अलग है। जब दुनिया नेपोटिसिम में गोते लगा रही थी तब एक कलाकार थिएटर की नगरी से सिनेमा में अपनी पहचान ढूंढ रहा था। ग्रेट एक्टर इरफ़ान खान की फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ में एक रिपोर्टर का किरदार निभाने वाले बृजेंद्र ‘जब वी मेट’ के वो टैक्सी ड्राइवर बने जिन्हे हम सब पहचानते है। इनकी एक्टिंग की एक ही परिभाषा है और वो है कि ‘बस अलर्ट रहना है कि कैमरा है कहा, बाकी जैसे हो वैसे ही बिहेव करना है।’आइए आपको उनकी लाइफ के कुछ किस्से बताते है जो उन्होंने खुद लाइव सेशन में हमारे साथ शेयर किए है।

18-19 साल तक किया थिएटर में काम

 

 

बृजेंद्र जी के पिता एक वैटनरी डॉक्टर थे। जब उन्हें पता चला कि उनका इकलौता बेटा संगीत पढ़ना चाहता है तो वो ज्यादा खुश नहीं हुए, उन्होंने कहा कॉमर्स ही कर लो। मगर बृजेंद्र जी ने विज्ञान का रास्ता चुन लिया। फिर क्या, बायोकेमिस्ट्री से ग्रेजुएशन करने वाले बृजेंद्र ने कॉलेज के दिनों में थिएटर करने का सोचा। वो कहते है कि ‘थिएटर एक नशा है और अगर इसका नशा लग गया तो छूटे नहीं छूटता। बतादें कि उन्होंने 18-19 साल तक थिएटर में काम किया है।

 

2 जून की रोटी नसीब हो जाएगी वाला किस्सा

आपको बतादें कि उन्होंने मथुरा के एक थिएटर ग्रुप ‘स्वास्तिक’ के मुख्य मेंबर थे।उनका ग्रुप मथुरा में बहुत सारे फेस्टिवल्स पर परफॉर्म भी करता था। वहीं उनका एक और ग्रुप ‘साक्षी’ जोकि दिल्ली में परफॉर्म करता था। वहीं उनके एक करीबी दोस्त ने कहा कि मुंबई में आ जाओ। उनका वहां दौरा लगता रहता था लेकिन अब वहां बसने का समय आ चुका था। तब दोस्त ने कहा -1 जून की टिकट कटवाओ, 2 जून को पहुंचो और तुम्हें दो जून की रोटी नसीब होगी।बृजेंद्र जी ने हंसते हुए कहा कि ‘आप इसे मेरा टोटका ही समझे क्योंकि मुझे बहुत मौके मिले 1 जून से पहले जाने के मगर मैं वहां दो जून को ही पहुंचा।’

क्रेडिट कार्ड से चलाया था घर

हमने उनसे पूछा की आपकी लाइफ में इस पूरी जर्नी में बहुत सारे उतार-चढ़ाव आए होंगे, घर चलाने की मजबूरी भी होगी तो क्या आपने यह लाइन क्विट करने का सोचा ?तब उन्होंने कहा कि ‘हां उतार-चढ़ाव थे मगर मैंने कभी क्विट करने का नहीं सोचा। मैंने स्क्रीन राइटिंग भी शुरू की ,बालाजी के लिए कई सीरियल भी लिखे तभी क्रेडिट कार्ड का प्लॉन मार्किट में चल पड़ा, सारे बिल भर सकते है बाद में उस बिल का भी भुगतान हो सकता है। कम से कम उन्होंने उस समय 40 हजार का भुगतान करना पड़ता था। आपको बतादें कि उन्होंने फेमस सीरियल ‘कहानी घर-घर की’ के डायलॉग लिखे है।

लव-स्टोरी भी है खास

जब हमने उनसे पुछा कि ‘आपकी लाइफस्टोरी तो हर कोई जानता है मगर आपकी लव स्टोरी की कहानी से हम भी रूबरू होना चाहते है।’ तो उन्होंने कहा कि लव स्टोरी तो ऐसी है कि शादी अरेंज ही थी, मेरे एक डायरेक्टर फ्रेंड थे जिन्होंने मेरी पत्नी के बारें में बताया था। फिर मैं और मेरा परिवार बाकायदा उनसे मिलने के लिए गए। फिर दोनों ने एक-दूसरे को पसंद किया और जिंदगी भर के लिए एक-दूसरे के हो गए।

इंस्टाग्राम पर है कैप्शन किंग

बृजेंद्र जी ने तो मिलेनियल बच्चों को भी इंस्टाग्राम पर कैप्शन डालने के मामले में पीछे छोड़ दिया है। आप उनकी पोस्ट में क्रिएटिव कैप्शन की पूरी झलक देख सकते है। उनके फैंस उनकी इस कला से भी काफी प्रभावित है।

उनके काम की एक झलक

-आपको बतादें कि उन्होंने 110 फिल्मों से ज्यादा, थिएटर में 18-19 साल तक काम किया है।
-बहुत सारे सीरियल के डायलॉग लिखे है।
– बाइस्कोप वाला ,शुभ मंगल सावधान, पान सिंह तोमर बहुत उम्दा फिल्मों से बॉलीवुड को नवाजा है।
-फिल्म ‘पहेली’ का प्ले कई साल पहले ही कर चुके थे।

इनके कामों की सूची काफी लंबी है। शायद यह आर्टिक्ल कम पड़ जाए, बृजेंद्र जी के फैंस के लिए एक और खुशखबरी है कि वो जल्द ही गुलाबो-सीताबो में भी अपनी प्रतिभा से लोगों को दीवाना बनाने वाले है। वो इस फिल्म में अमिताभ जी के वकील का किरदार निभाएंगे।